संदेश

ज़िन्दगी (Zindagi) Song Lyrics

चित्र
ज़िन्दगी, तेरे बिना क्या रे ज़िन्दगी। -२


वाह रे, कैसी है पहेली बता रे  जानूं ना मैं, तु अनसुलझी।
दुआ रे, रब्ब से मैं मांगू दुआ रे तुमको मिले, सारी ख़ुशी।।

ज़िन्दगी, तेरे बिना क्या रे ज़िन्दगी। -२


अधूरे, हो जायें ना हम कहीं रे  तेरे सिवा क्या है मेरा।
लकीरें, ऐसी जुड़ी है ये लकीरें हो ना सकूं, हो के जुदा।।

ज़िन्दगी, तेरे बिना क्या रे ज़िन्दगी। -२


Singer/Composer :- Bapi Bhattacharyaa
Songwriter :- Karan Mastana
Zindagi Song On YouTube

बुलंदियाँ यूं ही नसीब नहीं होती ( Bulandiyan Yun Hi Nasib Nhi Hoti )

चित्र
बुलंदियाँ यूं ही नसीब नहीं होती
कभी देखना ग़ौर से रास्तों पर दूर से चले आ रहे पैरों को, तुम्हें मिलेगी कई धूल की परतें उससे चिपकी हुई। उन्हें धीरे से फूँक मारकर उड़ाना और गिनती करके अपनी डायरी में लिख लेना,धूल के उड़ते ही खुरदरे एड़ियों में गड़े हुए कुछ पुराने कांटे और छोटी-बड़ी दरारें भी मिलेंगी।  उन दरारों से बहते चिपचिपे ख़ून को अब अपनी उंगलियों पर आहिस्तगी से फिराना, साथ ही उस दर्द को रूह तक महसूस करना, जिसे पैरो ने अबतक चुपचाप सहा है। शायद तब तुम्हें यकीन हो जायेगा कि बुलंदियाँ यूं ही नसीब नहीं होती, एक मुँहमांगी कीमत भी वसूलती है।  

Tera Naam Bada Hai (Ganesh Bhajan) English Lyrics By Satyam Anandjee

चित्र
Om….. Vakratund Mahakay Suryakoti Samaprabha Nirvighan KurumeDevo Sarvakaryeshu Sarvada.

He Vighna Vinashak Jai Ho Subh Mangal Karak Jai Ho Devon Ki Dev Ki Jai Ho Prabhu Kast Nivarak Jai Ho, Gaate Hain Teri Mahima Ved Puran Pada Hai. Tera Naam Bada Hai Jag Mein Tera Naam Bada Hai….

Shiv Gaura Ke Tum Priyanandan Tino Lok Kare Tera Vandan Maat Pita Ke Param Pujari Deven Gaye Suyash Tihari -2 Baal Kaal Mein Taat Se Tune Yudh Lada Hai. Tera Naam Bada Hai Jag Mein, Tera Naam Bada Hai…

Tum Karunakar Aadi Ananta Tum Hi Shrishti Sakal Samanta Sagar Shat Nit Charan pakhare Nath Daso Dig Das Tumhare -2
Tej Se Tere Surya Chandra Aur Vasundhara Hai.

Singer/Composer : Satyam AnandjeeLyricist : Karan Mastana

Tera Naam Bada Hai Hindi Lyrics (तेरा नाम बड़ा है गणेश वंदना) By Satyam Anandjee

चित्र
ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

हे विघ्न विनाशक जय हो! शुभ मंगल कारक जय हो! देवों की देव की जय हो, प्रभु कष्ट निवारक जय हो!!

गाते हैं तेरी महिमा वेद पुराण पढ़ा है, तेरा नाम बड़ा है जग में,तेरा नाम बड़ा है

शिव-गौरा के तुम प्रिय नंदन तीनो लोक करे तेरा वंदन -२ मात-पिता के परम पुजारी देवन गाये सुयश तिहारी बाल काल में तात से तूने युद्ध लड़ा है! तेरा नाम बड़ा है जग में.....

तुम करुणाकर,आदी-अनंता तुम ही सृष्टि सकल सामंता -२ सागर शत नित चरण पखारे नाथ दसों दिक् दास तुम्हारे तेज से तेरे सूर्य चन्द्र और वसुंधरा है! तेरा नाम बड़ा है जग में......

मंगल मूरत चितवन मोहे तुम बिन पूरण काज न होवे -२ जनम-जनम के निकष निवारो... रिद्धि-सिद्धि संग द्वार पधारो.. हे दयावंत दीन याचक तेरे द्वार खड़ा है!

शादी का साइड इफेक्ट पार्ट-1 (Sadi Ka Side Efect Part -1)

चित्र
     शादी का साइड इफेक्ट  (पार्ट-वन)











शादी भी जीवन की ऐतिहासिक घटना है, एक बार इसका साइड इफेक्ट हो जाये तो इंसान जीवनभर अथाह पीड़ा में ही डूबा रहता है। आज मैं यह मुद्दा सोशल मीडिया पर ज़ोर-शोर से उठाने की कोशिश ही कर रहा था कि इस कहानी के नायक मिल गये। तो चलिए विषय वस्तु पर लौटते  हैं। इस किस्से के सुपर हीरो हैं हमारे गाँव के दिलफेंक दोस्त रामरंजन मिश्र, आस-पड़ोस के बच्चे-बूढ़े उन्हें रामु काका भी कहते हैं, हमलोगों ने पढ़ाई-लिखाई, खेल-कूद और आशिक़ी भी साथ-साथ की है मगर वो प्रेम ग्रन्थ में अपना नाम अमर करवा लिये और मैं “बेदर्दी से प्यार का सहारा ना मिला” गा-गाकर अपने दिल को समझा लिया। उनका पके आम में आई लव यू और दिल का डिजाईन बनाकर लड़कियों पर डोरे डालना वाला प्रपोज़ स्टाईल को आज भी गाँव के हर लड़के फॉलो करते मिलेंगे। ख़ैर मुद्दे पर आते हैं - शादी से पहले मिसिर टोला में इनकी तूती बोलती थी। साँप-बिच्छ मारना हो, आहर-पोखर में कूदना हो, कोई आपातकाल में या गाँव-घर के लड़ाई-झगडे में मोर्चा संभालना हो हमारे रामरंजन जी  यजमानी लाल गमछा का लंगोट बांधकर और हाथ में दो आँखों वाली खानदानी लाठी लेकर डेढ़ फुट की च…

भुलक्कड़ दोस्त (Bhulakkad Dost)

चित्र
भुलक्कड़ दोस्त



मुंबई में मेरी एक प्रिय दोस्त है ऋतुज़ा, उसे मैं प्यार से ऋतु ही कहता हूँ! दोस्ती नई-नई ही हुई है लेकिन हमारी अच्छी-ख़ासी जमती है बिल्कुल सूई-डोरे की तरह! बस कभी-कभी उसकी कमज़ोर यादास्त की वज़ह से यह मोटी-तगड़ी रिलेशनशिप पतन के पॉजीशन पर पहुँच जाती है, इसलिए मैंने उसे A ग्रेड(Upper Grade) की भुलक्कड़ की पदवी दे डाली है! अब वह इस मामले को अक्सर खींच-तानकर अपना नाक-मुँह टेढ़ा करती रहती है और मुझे दिन-दहाड़े धमकाती रहती है! मैं कल दोपहर में बैठा हुआ था कि ऋतु का फोन आया और वह बोली आज शाम घर पर आ जाना बर्थडे पार्टी है, बर्थडे पार्टी का नाम सुनते ही मेरा रूह काँपने लगा! दरअसल आजकल यो-यो टाईप के लड़के और लड़कियाँ केक के कट्टर दुश्मन हैं, ये केक खाते नहीं बल्कि उसे पूरे सिर और चेहरे पर चुपड़ लेते हैं, जैसे कोई जंगली भैंसा कीचड़ से सना हुआ बाहर निकला हो! इसलिए मैं थोड़ा अलर्ट रहता हूँ कि कहीं कोई मुझे भी पकड़कर जबरदस्ती इस कैटेगरी में न घुसेड़ दे! शाम ढलते ही मैं मॉडर्न लुक में तैयार होकर ऋतु के घर पहुँचा, ऋतु बरामदे में कुर्सी पर साइलेंट मुद्रा में बैठी हुई थी, इर्द-गिर्द सिर्फ़…

चेरोवंशीय साम्राज्य का अमूल्य धरोहर: शाहपुर का किला (Shahpur Kila Palamu)

चित्र
चेरोवंशीय साम्राज्य का अमूल्य धरोहर: शाहपुर का किला





पलामू का मुख्यालय मेदिनीनगर (डाल्टनगंज)के दक्षिण दिशा में कोयल नदी के तट पर अवस्थित शाहपुर किला पलामू इतिहास के सैकड़ों वर्षों की स्मृतियों को समेटे बद्हाल अवस्था में खड़ा है| स्थानीय लोग इस किले को चलानी किला भी कहतें हैं| इतिहास के अनुसार इसका निर्माण 1766-1770 के आसपास चेरोवंशीय राजा गोपाल राय ने करवाया था और चेरो सत्ता के अवसान काल के दौरान पलामू का सम्राज्य को यहीं से संचालित किया जाता था| सन् 1771 में पलामू किला पर अंग्रेजों के आक्रमण और नियंत्रणाधीन होने के बाद शाहपुर किला ही राजा का निवास स्थान बना| कहा जाता है कि इस किले से सुरंग के रुप में एक गुप्त मार्ग पलामू किला तक जाता था| इस किले में चेरो वंश के अंतिम शासक राजा चुड़ामन राय और उनकी पत्नी चंद्रावती देवी की प्रतिमा स्थापित की गई है| शाहपुर मुख्य मार्ग पर स्थित इस किले से कोयल नदी समेत मेदिनीनगर क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक दृश्य को देखा जा सकता है| कुछ वर्ष पूर्व इस किले को पुरातात्विक घोषित किया गया हैं लेकिन इसके बावजूद भी यह चेरोवंशीय साम्राज्य के वैभवशाली इतिहास का मूक…

अपनी यह ख़ामोशी तोड़ (Apni Yah Khamosi Tod)

अपनी यह ख़ामोशी तोड़
सहोगे कब तक यह प्रहार छीन रहा तेरा अधिकार बहुत हुआ छल-कपट,अंधेर आँखें खोल अब मत कर देर देख तुम्हें सब रहे निचोड़, अपनी यह ख़ामोशी तोड़!
सिर्फ़ दिखावा है यह पोषण हो रहा है तेरा शोषण तेरी रोटी किसी का भोजन आख़िर इसका क्या प्रयोजन दुर्बल बनकर रहना छोड़, अपनी यह ख़ामोशी तोड़!

वर्तमान की यही सच्चाई कोई न समझे पीर पराई देकर लालच दिखाकर सपना सब गेह भरे हैं अपना-अपना लगी है लुटेरों में होड़, अपनी यह ख़ामोशी तोड़!
यह तेरा रहना चुपचाप बन जाये न कहीं अभिशाप ओस नहीं अब बन चिंगारी कर बग़ावत की तैयारी दे जवाब उनको मुँहतोड़, अपनी यह ख़ामोशी तोड़!

चोर-लुटेरों का यह फ़ौज तेरे दम पर करता मौज बिगुल बजा होकर निर्भय निज शक्ति का दे परिचय अपने हक से मुँह मत मोड़, अपनी यह खामोशी तोड़!

कब मिटेंगे आदमख़ोर (Kab Mitenge Aadamkhor)

भड़क उठी हिंसा पुरज़ोर कब मिटेंगे आदमख़ोर?

जगह-जगह लाशों की ढेर रक्त में डूबा सांझ-सवेर नित्य नये होते हैं जंग लाल हुई धरती की रंग आग लगी यह चारो ओर, कब मिटेंगे आदमख़ोर?

शहर-गाँव श्मशान हुए हँसते आँगन विरान हुए सरल हुआ है खूनी खेल अपना ही घर बना है जेल टूटी मानवता की डोर, कब मिटेंगे आदमख़ोर?

सृष्टि का अपमान हुआ अति निष्ठुर इंसान हुआ लुट गया है मन का चैन जिसको देखो भींगे नैन रक्षक हुए लुटेरे-चोर, कब मिटेंगे आदमख़ोर?

जहाँ भी देखो चीख-पुकार चहुँ ओर गूँजे चीत्कार सबको है लालच का रोग शत्रु बने हैं अपने लोग व्यथा हृदय को दे झकझोर, कब मिटेंगे आदमख़ोर?

क्या हिन्दू क्या मुस्लिम (Kya Hindu Kya Muslim)

क्या हिन्दू,क्या मुस्लिम यारों ये अपनी नादानी है! बाँट रहे हो जिस रिश्ते को वो जानी-पहचानी है!!

क्या पाया है लड़कर कोई छोड़ ये ज़िद्द लड़ाई की किस हक से तू चला काटने सिर ऐ यार खुदाई की तेरी रगों खून है तो क्या मेरी रगों में पानी है!

हिन्दू-मुस्लिम, सिख-ईसाई ख़ुद को बाँट रहा है तू एक शज़र के शाख हैं सारे जिसको काट रहा है तू जाति-मज़हब की ये बातें बनी-बनाई कहानी है!

इक मिट्टी हम सब टुकड़े यह बँटवारा करना छोड़ इब्ने-आदम मैं भी, तू भी 'करन' भरम में रहना छोड़ क्या अल्लाह या राम ने सबको
दी कोई निशानी है!

बापू का स्वप्न (Bapu Ka Swapn)

माना कि तू दुःखी है आज मिला नहीं है पूर्ण स्वराज
सच है! बुरा है देश का हाल नहीं यहाँ जन-जन खुशहाल
व्यर्थ अभी तक तेरा तपना तोड़ रहा दम देखा सपना
दूर नहीं हुआ है तम असफल अभी भी तेरा श्रम
राजा माँग रहा है भीख भूल गए सब तेरी सीख
मुकर रहे सब लिये शपथ से विमुख हुए अहिंसा पथ से
ठनी वतन सौदे की रार एक ही खून में पड़ा दरार
ऐसे में दुःख तो होता होगा मन ही मन तू रोता होगा
किंतु नहीं मरे हैं तेरे पूत हम बनेंगे शांतिदूत
झुका दिया तेरे आगे शीश ठोंक पीठ और दे आशीष
हम जन-जन से प्यार करेंगे बापू तेरा स्वप्न साकार करेंगे!