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फ़िल्म "72 हूरें रिव्यू " || 72 Hoorain Review In Hindi

  राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक संजय पूरन सिंह चौहान की फिल्म ’72 हूरें’ मजहब के नाम पर कुकर्म करने वालों को एक ज़ोरदार तमाचा जड़ने का काम करती है। 72 Hoorain Review In Hindi :  फिल्म का नाम : 72 हूरें एक्टर्स : पवन मल्होत्रा, आमिर बशीर निर्देशन: संजय पूरन सिंह चौहान निर्माता: गुलाब सिंह तंवर, किरण डागर, अनिरुद्ध तंवर सह-निर्माता: अशोक पंडित रेटिंग : 5/3.5 फिल्म "72 हूरें" सदियों से धर्मांध, कट्टरता और आतंकवाद का शिकार हो रहे दो युवकों पर आधारित है कि कैसे एक मौलाना के द्वारा धर्म के नाम पर लोगों को बहकाया जाता है और उन्हें 72 हूरें, जन्नत जैसे सुनहरें सपने दिखाते हुए टेररिज्म के जाल में फंसाया जाता है। फिर इस जाल में फंसे हुए लोगों से आतंकवादी हमले करवाया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि जिहाद के बाद जन्नत में उनका ज़ोरदार स्वागत होगा और 72 हूरें उनको वहां मिलेंगी। उनके अंदर 40 मर्दों की ताकत आ जाएगी और उन्हें वहां ऐश मौज करने का अवसर मिलेगा। कहानी का आरंभ मौलाना के इन्हीं ब्रेन वाश करने वाली तकरीरों से होती है। उसकी बातों और जन्नत तथा 72 हूरों के लालच में हाकिम ...

फ़िल्म "72 हूरें रिव्यू " || 72 Hoorain Review In Hindi

  राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक संजय पूरन सिंह चौहान की फिल्म ’72 हूरें’ मजहब के नाम पर कुकर्म करने वालों को एक ज़ोरदार तमाचा जड़ने का काम करती है। 72 Hoorain Review In Hindi :  फिल्म का नाम : 72 हूरें एक्टर्स : पवन मल्होत्रा, आमिर बशीर निर्देशन: संजय पूरन सिंह चौहान निर्माता: गुलाब सिंह तंवर, किरण डागर, अनिरुद्ध तंवर सह-निर्माता: अशोक पंडित रेटिंग : 5/3.5 फिल्म "72 हूरें" सदियों से धर्मांध, कट्टरता और आतंकवाद का शिकार हो रहे दो युवकों पर आधारित है कि कैसे एक मौलाना के द्वारा धर्म के नाम पर लोगों को बहकाया जाता है और उन्हें 72 हूरें, जन्नत जैसे सुनहरें सपने दिखाते हुए टेररिज्म के जाल में फंसाया जाता है। फिर इस जाल में फंसे हुए लोगों से आतंकवादी हमले करवाया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि जिहाद के बाद जन्नत में उनका ज़ोरदार स्वागत होगा और 72 हूरें उनको वहां मिलेंगी। उनके अंदर 40 मर्दों की ताकत आ जाएगी और उन्हें वहां ऐश मौज करने का अवसर मिलेगा। कहानी का आरंभ मौलाना के इन्हीं ब्रेन वाश करने वाली तकरीरों से होती है। उसकी बातों और जन्नत तथा 72 हूरों के लालच में हाकिम ...

आख़िर क्यों हुआ था महाभारत का युद्ध ? || Aakhir Kyo'n Huaa Tha Mahabharat Ka Yuddh

Mahabharat Hone Ke Kaaran ! आज हम श्रीमद् भागवत गीता की पृष्ठभूमि के बारे में चर्चा करेंगे। यानि हम उस कहानी को समझने का प्रयास करेंगे जिसके कारण इसकी ज़रूरत पड़ी।  जैसा कि आप सभी जानते हैं कि सनातन धर्म में श्रीमद् भागवत गीता का व्यापक पठन पाठन होता रहा है लेकिन यह मूलत संस्कृत महाकाव्य महाभारत के उपकथा के रूप में जाना जाता है। महाभारत में वर्तमान कलयुग की घटनाओं का भी विवरण मिलता है। इसी युग के आरंभ में आज से लगभग 5000 साल पहले भगवान श्री कृष्ण ने अपने मित्र तथा परम भक्त कुंती पुत्र अर्जुन को भगवद गीता का उपदेश दिया था। उनका यह उपदेश मानव इतिहास की सबसे महान दार्शनिक तथा धार्मिक वार्ताओं में से एक है, जो उस महायुद्ध के आरंभ से ठीक पहले देवकी नंदन कृष्ण और अर्जुन के बीच हुई। यह धृतराष्ट्र के 100 पुत्रों तथा उनके चचेरे भाई पांडव पुत्रों के बीच होने वाला भीषण युद्ध था। धृतराष्ट्र और पांडू दोनों सगे भाई थे जिनका जन्म महान कुरु वंश में हुआ था और वे राजा भरत के वंशज थे जिनके नाम पर ही इसका नाम महाभारत नाम पड़ा। बड़े भाई धृतराष्ट्र जन्म से अंधे थे इसलिए हस्तिनापुर का राज सिं...

मैंने देखी है ख़्वाजा की दरियादिली (Urdu Song)

  मैंने देखी है ख़्वाजा की दरियादिली उस चश्म-ए-करम का क्या कहना। ख़ाली रहता नहीं कोई दस्त-ए-दुआ बादशाह-ए-हरम का क्या कहना।। मैंने देखी है ख़्वाजा की...... Antra:- फ़िक्र क्या उसको जिसपे मेहरबान वो, ये जहां सल्तनत उसका सुल्तान वो। जा के देखो कभी उसके दहलीज़ पे मुश्किल-ए-राह कर देगा आसान वो।। कर दिया मेरे आक़ा ने मुझको रिहा कि हकीम-ए-अलम का क्या कहना। ख़ाली रहता नहीं कोई दस्त-ए-दुआ बादशाह-ए-हरम का क्या कहना।। मैंने देखी है ख़्वाजा की...... Antra:- हैं गवाह मुद्दतों से ज़मीन आसमां, उसके होते हुए कोई तन्हा कहां। है निगहबान उसपे यक़ीं रख ज़रा वो न मजबूर छोड़े किसी को यहां। उसकी नेमत के आशिक तलबगार हम उस ग़नी हम क़दम का क्या कहना। ख़ाली रहता नहीं कोई दस्त-ए-दुआ बादशाह-ए-हरम का क्या कहना।। मैंने देखी है ख़्वाजा की......

मुसलमानों मदीने से/ Masalmaano Madeene Se ( Urdu Hamd-o-Naat)

  मुसलमानों मदीने से सुनो पैगाम आया है। बरसने वाली है रहमत इलाही ने बुलाया है।। मुसलमानों मदीने से सुनो पैगाम आया है...... Antra:-1 निज़ामे-मुस्तफ़ा है वो, हमारी फ़िक्र है उसको x 2 हम ही हैं बे-अदब थोड़े  जो करते उम्र ज़ाया हैं। मुसलमानों मदीने से सुनो पैगाम आया है...... Antra:- 2 ये नेमत रब ने जो दी है हमारी ख़ुशनसीबी है। x 2 कि शौक़-ए-बंदगी देखो तुम्हारे काम आया है।। मुसलमानों मदीने से सुनो पैगाम आया है...... Song Writer : Karan Mastana  

मंगल कर्ता मोरेया (Mangal Karta Moreya)

   हर शुभ काज में पहले जिसका होता है वंदन वो तुम्हीं हो विघ्न विनाशक, गौरा सुत नंदन।। मंगल कर्ता मोरेया, गणपति बप्पा मोरेया। × २ Antra:- सुर-नर, मुनि सब हुए अचंभित गूँजे जय जयकार। मात-पिता की परिक्रमा कर जीत लिया संसार।। × २ कितना भी गुणगान करें ये कम होगा भगवन। वो तुम्हीं हो विघ्न विनाशक, गौरा सुत नंदन। मंगल कर्ता मोरेया, गणपति बप्पा मोरेया। × २ Antra:- सुफल नहीं कोई काम जगत में बिन तेरे गणराज। हे भय भंजन, कष्ट निकंदन रख लो हमरी लाज।। × २ जिसकी भक्ति भाव में डूबा है मेरा तन-मन, वो तुम्हीं हो विघ्न विनाशक, गौरा सुत नंदन। मंगल कर्ता मोरेया, गणपति बप्पा मोरेया। × २ Singer:- Satyam Aanandjee Songwriter:- Karan Mastana 👇🏻

वृद्धावस्था का अकेलापन (Vridhaavastha Ka Akelaapan)

  सांकेतिक चित्र तन्हाइयों का स्याह लिबास ओढ़े एक वीरान सा घर हैं हम....  कौन आयेगा, क्यों आयेगा कोई इस जानिब ? दर्द का सैलाब समेटे मंज़र हैं हम..... हम ज़िंदगी की धूप में बे-ख़बर  साये बाँटते रहे, झुलसते रहे।  टपक रहा था आँखों से सुर्ख़ लहू,  मगर बेबसी थी, बरसते रहे। रौनक़ें रूठी हो जिसकी दहलीज़ से आहिस्ता-आहिस्ता, वो जर्जर, बदनसीब शहर हैं हम।। चलो बाँधें, अरमानों की गठरी  और दफ़्न कर आएँ कहीं दूर। पी लें, वक़्त की कड़वी घूँट को  समझ कर इक उम्र का क़ुसूर। फ़ासलों से गुज़र जाओ, यही बेहतर है।  अब किसी काम के नहीं, खंडहर हैं हम।। कौन आयेगा, क्यों आयेगा कोई इस जानिब? दर्द का सैलाब समेटे मंज़र हैं हम..... यह कविता उन वृद्ध माता पिता के संदर्भ में लिखी गई है जिनके बच्चे उन्हें वृद्धावस्था में अकेला छोड़ देते हैं। जैसा कि आजकल अक्सर देखने को मिलता है। आपके माता पिता और परिवार ही आपकी असली दुनिया हैं, इनके साथ जुड़े रहें। 🙏🏻🙏🏻👨‍👩‍👧‍👦👴🏻👵🏻

आँसू मत बहाना (Aansoon Mat Bahana)

    अपने पिया के नगर से  कच्ची धूल भरी डगर से  इस पराये से मेरे गाँव में  अमराईयों की घनी छाँव में, तुम जब कभी आना  आँसू मत बहाना।। वो मधुर मिलन की रात  कोई सहसा दिलाये तुम्हें याद  सखियाँ छेड़ बैठी अगर मेरी बात अपने कलेजे पर रखकर  एक भारी सा पत्थर  खारे आँसुओं को पी कर,  हँसते हुए हर बात टाल जाना, पर आँसू मत बहाना।।  साँझ ढले जब सन्नाटों में  काली स्याह रातों में। सिसकती मिलेगी मेरी आह  किस हाल में जी रहा हूँ मैं,  किस दर्द से तड़प रहा हूँ  ना करना कभी पूछने की चाह।  कि जिससे नेह टूटा, साथ छूटा  वह तेरा मीत कैसा,  मैं अब तेरा अपना नहीं  पराए लोगों से भला मोह कैसा? मेरी व्यथा को देखकर  ना अपना मन दुखाना  आँसू मत बहाना।।  गाँव भर से मिलना-जुलना  कुछ कहना, कुछ सुनना। मीठी स्मृतियों के मोती  मन ही मन चुनना। मत गीला करना मखमली आँचल,  छलकते आँसुओं को ज़रा थाम लेना  मगर भूल कर भी  ना कभी मेरा नाम लेना।  मेरी हरेक यादों को  माज़ी की गोद में दफ़ना...

कुछ तो है तेरे मेरे दरमियां (Lyrics Of Tere Mere Darmiyaan)

  आजकल कर रहा  क्यों दिल तेरी बंदगी, क्यों लम्हा लम्हा मुझे  है लत सी तेरी लगी। मिटने लगी क्यों दूरियाँ, कुछ तो है, कुछ तो है तेरे मेरे दरमियां... तेरे मेरे दरमियां.... बेख़ुदी में तेरी शबो-रोज़ मेरा ढले, नज़रों के मोड़ पर तू बारहा क्यों मिले। मेरे डूबते यक़ीं को एक सांस तुने दिया  बन गया तु ख़ुदा मेरे दिल ने सजदा किया। तुझसे मेरी ये दुनिया, कुछ तो है, कुछ तो है  तेरे मेरे दरमियां..... तेरी गलियां मेरा घर ठिकाना लगे, तेरे आगे जहां क्यों बेगाना लगे। ये अजनबी सिलसिले नहीं झूठे सच मान ले, ऐ मेरे हमनवा ये लफ़्ज़ पहचान ले। कुछ कहती है ख़ामोशियां, कुछ तो है, कुछ तो है  तेरे मेरे दरमियां.... तेरे मेरे दरमियां.... Singer/Composer- Satyam Anandjee   Lyricist- Karan Mastana 

सुबह (Hindi Lyrics)

  हम साथ थे हम साथ हैं,  तन्हा नहीं तू ऐ वतन। बदलेंगे अब हालात ये,  होगा फिर से तू सफल।  मिलके चलो आगे बढ़े,  टूटे ना ये हौसला।  हमें यक़ीं है होगी सुबह,  निकलेगा रास्ता।  यही है  कल का पता,  ये दिल है कह रहा।  हां यक़ीं है, होगी सुबह  निकलेगा रास्ता,  यही है कल का पता  ये दिल है कह रहा।  हो गांव या कोई शहर  सहमी सी है हर एक नज़र,  मांगे हम सब मिलके दुआ  रखना अपनों को रब भला।  वो रौनके फिर आयेंगी  देखेगा सारा जहां,  हमें यक़ीं है, होगी सुबह  निकलेगा रास्ता।  यही है कल का पता  ये दिल है कह रहा...... 

Subah (English Lyrics)

   Ham sath the Ham sath hain Tanha nhi tu ai vatan. Badlege ab  haalaat ye Hoga fir se tu safal. Milkar chalo,  aage badhen Tute na ye hausla. Hamen yakin hai Hogi subah Niklega rasta. Yahin hai  Kal ka pata.. Ye dil hai kah rha. Haan yakin hai.... Ho gaon ya koi shahar Sahmi si hai har ek nazar Mange ham sab milke duaa Rakhna apno ko rabb bhala Wo raunaken, fir aayegi Dekhega sara jahan. Hamen yakin hai..... This Song On YouTube

कोरोना का रोना (Corona Ka Rona)

      पिछले अंक में आपने पढ़ा था कि शादी टूटने से आहत होकर हमारे अज़ीज़ मित्र टुनटुन पांडे घर बार त्यागकर बनारस को जा चुके थे ताकि वहां किसी विद्वान के सानिध्य में रहकर अपनी समझदारी में थोड़ी इज़ाफ़ा कर सकें। सूत्रों से ख़ुफ़िया जानकारी मिली कि टुनटुन बाबू आजकल रामायण और श्रीमद्भगवत गीता जैसे ग्रंथों को चावल तथा गेहूं की बोरी में डालकर रखते हैं और उसी का बना भोजन ग्रहण करते हैं, साथ में सुबह-शाम गंगाजल भी पीते हैं। ताकि उन्हें भी कालिदास की मानिंद दिव्य ज्ञान हासिल हो सके। दरअसल किसी ज्ञानी महापुरुष ने उन्हें यह बेहूदा हरकत करने की सलाह दी थी। अब सभी को यक़ीन हो चला था कि गीता और रामायण का बेशकीमती ज्ञान चावल और गेहूं के साथ इनके मुंह एवं पेट से होते हुए दिमाग़ तक जरूर पहुंच गया होगा। लेकिन अफ़सोस टुनटुन पांडे का बुद्धिवर्धक फार्मूला कामयाब नहीं हो पाया और इनकी नारद जी वाली एटीट्यूड बनी रही। रिश्तेदारों ने पंचायत कर के एक दफ़ा फिर इनका गृहस्थ जीवन बसाने की ठानी और बड़े अक़ीदत के साथ उन्हें मोटिवेट कर बनारस से वापस बुलाया गया। रिश्ता ढूंढने का दस्तूर पुनः शुरू हुआ और...

इंडियन राईस सूप (Indian Rice Soup)

      हमारे आसपास या मित्र मंडली में ऐसे लोग अक्सर मिल जाते हैं जिन्हें "तिल का ताड़" या "राई का पहाड़" बनाने में महारत हासिल होता है। इस कैटेगरी के लोगों को राहु, केतु और शनि का मिश्रण कहा जाता है। यह कब अपनी आदत से मजबूर बड़बोलेपन में आकर आपके जीवन की शांति भंग कर दें कहा नहीं जा सकता। ठीक इसी तरह हमारे मित्र मंडली में एक शख़्स हैं, जिन्हें हम सभी अज़ीज़ टुनटुन पांडे के नाम से बुलाया करते हैं। टुनटुन बाबू हमारे कनौजिया बिरादरी के सिरमौर माने जाते थे, मगर इनकी यही नारद जी वाली एटीट्यूड ख़ुद पर ही भारी पड़ गई। मैं बग़ैर लाग-लपेट के सीधे घटनाक्रम और पात्र पर आता हूं। कुछ दिन पहले ही आस-पड़ोस को एहसास हुआ कि टुनटुन पांडे की उम्र ज़िम्मेदारी उठाने लायक यानी शादी के काब़िल हो गई है। आनन-फानन में बेगम ढूंढने का सिलसिला ज़ोर-शोर से चल पड़ा। आख़िरकार कड़ी मशक्कत के बाद एक रिश्ता मिल भी गया। हम सभी मित्र भी इस शुभ समाचार से बेहद ख़ुश थे कि गृह क्लेश के सूत्रधार अब ख़ुद ही गृह क्लेश की चक्की में बड़े महीन पीसने वाले हैं। ख़ैर हम लोगों ने पुरज़ोर कोशिश करके टु...

वन्दे मातरम् ( Lyrics of VandeMatram Song)

मिट्टी तेरी नी माए माथे लगाऊं तु ही है मेरी पहचान। आये न ग़म के साये रौशन रहे तु हो जावां तुझपे कुर्बान। जन्नत है तु गुलशन ऐसा कहां, है तु मुझे प्यारा मेरी जां से भी ज्यादा। वन्दे मातरम्, तेरे नाम है ज़िन्दगी ये वन्दे मातरम्, तेरे वास्ते हर ख़ुशी वे.... खुशहाल रहे हर हाल में तु आबाद रहे। जब तक हो धरती चांद तेरी बुनियाद रहे।। महके तेरी खुशबू सबको एहसास रहे। मैं जाऊं जहां भी तु धड़कन के पास रहे।। बढ़ती रहे तेरी शान सदा हमें नाज़ रहे। ऐ जाने वतन तु दुनिया का सरताज रहे।। हर दर्द सहूं तेरी ख़ातिर ये जिस्म कहे। यह ख़ून नहीं रग रग में तेरा इश्क़ बहे।। हिम्मत है तु हम सबका हौसला, है तु मुझे प्यारा मेरी जां से भी ज्यादा। वन्दे मातरम्, तेरे नाम है ज़िन्दगी ये वन्दे मातरम्, तेरे वास्ते हर ख़ुशी वे.... ये कर्ज़ तेरा, है फर्ज़ मेरा। है फर्ज़ मेरा, ये कर्ज़ तेरा।। ऐ देश मेरे....ऐ देश मेरे.... स्वदेश मेरे....स्वदेश मेरे.... Video of VandeMatram Song (YouTube) Lyricist :-   Karan Mastana

पटना से भईल का गलतिया हो (Patna se bhail ka galatiya ho - Hindi Lyrics)

पटना से भईल का गलतिया हो, बोलीं बोलीं दीनानाथ।। करीं कइसे छठी के बरतिया हो, सूना हवे असो घाट। बचलss न हाट कोई गलीया शहरवा सगरो मचलss हाहाकार। मिले नाहीं फल-फूल केरा-नरियलवा बानी आदित बहुते लाचार। कहवाँ से लाइब हम बहँगीयां हो, सोची कटे दिन रात। पटना से भईल का गलतिया हो, बोलीं बोलीं दीनानाथ।। रउरे आशिषवा से जिये लोक इहवां रखीं देव सबका पे प्यार। उजड़े ना हमनी के धरती अँगनवां भरल-पूरल संसार।। हरss लिहीं "मेघा" के विपत्तिया हो, छोड़ब "करन" के ना हाथ। सभका से भईल जे गलतिया हो, माफ़ss करीं दीनानाथ।। Singer : Megha Sriram Dalton Lyricist : Karan Mastana This song on YouTube

ज़िन्दगी (Zindagi) Song Lyrics

ज़िन्दगी, तेरे बिना क्या रे ज़िन्दगी। -२ वाह रे, कैसी है पहेली बता रे  जानूं ना मैं, तु अनसुलझी। दुआ रे, रब्ब से मैं मांगू दुआ रे तुमको मिले, सारी ख़ुशी।। ज़िन्दगी, तेरे बिना क्या रे ज़िन्दगी। -२ अधूरे, हो जायें ना हम कहीं रे  तेरे सिवा क्या है मेरा। लकीरें, ऐसी जुड़ी है ये लकीरें हो ना सकूं, हो के जुदा।। ज़िन्दगी, तेरे बिना क्या रे ज़िन्दगी। -२ Singer/Composer :- Bapi Bhattacharyaa Songwriter :- Karan Mastana Zindagi Song On YouTube

बुलंदियाँ यूं ही नसीब नहीं होती ( Bulandiyan Yun Hi Nasib Nhi Hoti )

बुलंदियाँ यूं ही नसीब नहीं होती कभी देखना ग़ौर से रास्तों पर दूर से चले आ रहे पैरों को, तुम्हें मिलेगी कई धूल की परतें उससे चिपकी हुई। उन्हें धीरे से फूँक मारकर उड़ाना और गिनती करके अपनी डायरी में लिख लेना, धूल के उड़ते ही खुरदरे एड़ियों में गड़े हुए कुछ पुराने कांटे और छोटी-बड़ी दरारें भी मिलेंगी।   उन दरारों से बहते चिपचिपे ख़ून को अब अपनी उंगलियों पर आहिस्तगी से फिराना, साथ ही उस दर्द को रूह तक महसूस करना, जिसे पैरो ने अबतक चुपचाप सहा है। शायद तब तुम्हें यकीन हो जायेगा कि बुलंदियाँ यूं ही नसीब नहीं होती, एक मुँहमांगी कीमत भी वसूलती है।  

Tera Naam Bada Hai (Ganesh Bhajan) English Lyrics

Om….. Vakratund Mahakay Suryakoti Samaprabha Nirvighan Kurumdevo Sarvakaryeshu Sarvada. He Vighna Vinashak Jai Ho Subh Mangal Karak Jai Ho Devon Ki Dev Ki Jai Ho Prabhu Kast Nivarak Jai Ho, Gaate Hain Teri Mahima Ved Puran Pada Hai. Tera Naam Bada Hai Jag Me Tera Naam Bada Hai…. Shiv Gaura Ke Tum Priyanandan Tino Lok Kare Tera Vandan Maat Pita Ke Param Pujari Deven Gaye Suyash Tihari -2 Baal Kaal Mein Taat Se Tune Yudh Lada Hai. Tera Naam Bada Hai Jag Me, Tera Naam Bada Hai… Tum Karunakar Aadi Ananta Tum Hi Shrishti Sakal Samanta Sagar Shat Nit Charan pakhare Nath Daso Dig Das Tumhare -2 Tej Se Tere Surya Chandra Aur Vasundhara Hai. Tera Naam Bada Hai Jag Me Tera Naam Bada Hai… Singer/Composer : Satyam Anandjee Lyricist : Karan Mastana 👇🏻 Tera Naam Bada Hai On Youtube

तेरा नाम बड़ा है (गणेश वंदना) Hindi Lyrics

ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ हे विघ्न विनाशक जय हो! शुभ मंगल कारक जय हो! देवों की देव की जय हो, प्रभु कष्ट निवारक जय हो!! गाते हैं तेरी महिमा वेद पुराण पढ़ा है, तेरा नाम बड़ा है जग में,तेरा नाम बड़ा है शिव-गौरा के तुम प्रिय नंदन तीनो लोक करे तेरा वंदन -२ मात-पिता के परम पुजारी देवन गाये सुयश तिहारी बाल काल में तात से तूने युद्ध लड़ा है! तेरा नाम बड़ा है जग में..... तुम करुणाकर,आदी-अनंता तुम ही सृष्टि सकल सामंता -२ सागर शत नित चरण पखारे नाथ दसों दिक् दास तुम्हारे तेज से तेरे सूर्य चन्द्र और वसुंधरा है! तेरा नाम बड़ा है जग में...... मंगल मूरत चितवन मोहे तुम बिन पूरण काज न होवे -२ जनम-जनम के निकष निवारो... रिद्धि-सिद्धि संग द्वार पधारो.. हे दयावंत दीन याचक तेरे द्वार खड़ा है! तेरा नाम बड़ा है जग में...... Singer/Composer- Satyam Anandjee Lyricist- Karan Mastana Tera Naam Bada Hai By Satyam Anandjee On Youtube

शादी का साइड इफेक्ट (Sadi Ka Side Efect)

                                        शादी भी जीवन की ऐतिहासिक घटना है, एक बार इसका साइड इफेक्ट हो जाये तो इंसान जीवनभर अथाह पीड़ा में ही डूबा रहता है। आज मैं यह मुद्दा सोशल मीडिया पर ज़ोर-शोर से उठाने की कोशिश ही कर रहा था कि इस कहानी के नायक मिल गये। तो चलिए विषय वस्तु पर लौटते  हैं। इस किस्से के सुपर हीरो हैं हमारे गाँव के दिलफेंक दोस्त रामरंजन मिश्र, आस-पड़ोस के बच्चे-बूढ़े उन्हें रामु काका भी कहते हैं, हमलोगों ने पढ़ाई-लिखाई, खेल-कूद और आशिक़ी भी साथ-साथ की है मगर वो प्रेम ग्रन्थ में अपना नाम अमर करवा लिये और मैं “बेदर्दी से प्यार का सहारा ना मिला” गा-गाकर अपने दिल को समझा लिया। उनका पके आम में आई लव यू के साथ गुलाबी दिल का डिजाईन बनाकर लड़कियों पर डोरे डालना वाला प्रपोज़ स्टाईल को आज भी गाँव के हर लड़के फॉलो करते मिलेंगे। ख़ैर मुद्दे पर आते हैं - शादी से पहले मिसिर टोला में इनकी तूती बोलती थी। साँप-बिच्छ मारना हो, आहर-पोखर में कूदना हो, कोई आपातकाल में या गाँव...